हिमाचल प्रदेश में खर्च नहीं की धनराशि के ब्याज की राशि ट्रेजरी में जमा करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे काम जो वर्ष 2010 से लेकर 2023 के बीच शुरू ही नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आवंटित बजट को भी तुरंत राज्य सरकार के कोषागारों में डालने को कहा गया है। अलग-अलग बैंकों में सरकारी विभागों के वर्ष 2010 से लेकर 2023 तक बिना व्यय किए 12,210 करोड़ रुपये पड़े हैं। यह राशि 32 से अधिक बैंकों में जमा है। इसे जिन योजनाओं के लिए दिया गया, उनमें खर्च ही नहीं किया गया। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कड़ा संज्ञान लिया है।